कठकरेज दोस्तों ने ली जान, अब पुलिस लाश पर सितम ढा रही

वाराणसी से काम करके वापस लौट रहे कठौड़ा निवासी एक मजदूर की उभांव में उसी ट्रैक्टर से कुचल कर दर्दनाक मौत हो गई, जिस पर वह सवार था. स्थानीय थाना क्षेत्र के कठौड़ा गांव निवासी संजय राजभर (30) पुत्र हरिंदर राजभर लगभग एक माह पूर्व अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के ही ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर बनारस में मजदूरी करने गया था.

बलिया लाइव संवाददाता

सिकन्दरपुर (बलिया)। वाराणसी से काम करके वापस लौट रहे कठौड़ा निवासी एक मजदूर की उभांव में उसी ट्रैक्टर से कुचल कर दर्दनाक मौत हो गई, जिस पर वह सवार था. स्थानीय थाना क्षेत्र के कठौड़ा गांव निवासी संजय राजभर (30) पुत्र हरिंदर राजभर लगभग एक माह पूर्व अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के ही ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर बनारस में मजदूरी करने गया था.

ड्राइवर ने ब्रेक लगाया तो संजय उछल कर ट्रॉली के नीचे जा गिरा

उसकी पत्नी सुमन के अनुसार संजय एक दिन पहले फोन से बताया था कि बरसात के कारण  काम बंद है. इसलिए वह वापस घर आ रहा है. वह अपने दोस्तों के साथ उसी ट्रैक्टर ट्रॉली से गुरुवार को बनारस से कठौड़ा वापस लौट रहा था. गुरुवार की रात लगभग 10:00  बजे जब वे उभांव पहुंचे तो अचानक ट्रैक्टर चला रहे ड्राइवर ने ब्रेक लगाया, जिससे संजय वहीं गिर गया और ट्रॉली के चक्के के नीचे आ गया. इस हादसे में उसकी कमर टूट गई. दर्द से चिल्ला रहे संजय को उसके मित्रों ने ट्रॉली पर लादा, मगर अस्पताल ले जाने की बजाय वे वही ट्रॉली खड़ा कर दिए. संजय की पत्नी सुमन के अनुसार ट्रॉली खड़ी करके उसके दोस्त बगल में किसी बारात में आए हुए नाच  देखने लगे. तब तक संजय की सांसें चल रही थी और वह ट्रॉली में ही कराहता रहा. भोर में 3:00 बजे शुक्रवार को उसी अवस्था में वे संजय को उसके घर कठौड़ा छोड़ गए.

अब पोस्टमार्टम के लिए परिजन थानों के चक्कर लगा रहे

परिवार वाले संजय की ऐसी स्थिति देख अवाक रह गए. उसी समय सिकंदरपुर सीएचसी ले जा रहे थे. इसी दौरान उसकी रास्ते में ही मौत हो गई. इस वजह से उसके परिवार में मातम छा गया. शुक्रवार की सुबह जब संजय के परिवार वाले तहरीर लेकर के पोस्टमार्टम कराने के लिए सिकंदरपुर थाना पहुंचे तो यहां से उन्हें बैरंग लौटा दिया गया. पुलिस का तर्क है कि चूंकि उभांव थाना क्षेत्र में दुर्घटना हुई है, इसलिए वे कुछ नहीं कर सकते. इसके बाद संजय के परिवार वाले उभाव थाने पहुंचे. मगर वहां भी निराशा हाथ लगी. वे सिकंदरपुर थाने का मामला बता रहे हैं. खबर लिखे जाने तक संजय की लाश उसके दरवाजे पर ही पड़ी है. पुलिस कोई सहयोग नहीं कर रही है.

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