बेटिकट नेताओं ने बढ़ाई सियासत की गली में हलचल

बेटिकट नेताओं ने बढ़ाई सियासत की गली में हलचल

बलिया नगर, बैरिया व बांसडीह में हर पल बदल रहा समीकरण

पॉलिटिकल डेस्क

बलिया। यूपी के आखिरी छोर पर बसे बलिया में विधान सभा चुनाव का रंग हर रोज बदल रहा है. महीनों की मेहनत के बाद भी दिल्ली – लखनऊ से बेटिकट लौटे नेताओं की बेरुखी ने सियासत की गली में हलचल बढ़ा दी है. खासकर बलिया नगर, बांसडीह और बैरिया की तस्वीर साफ नहीं हो पा रही. लगभग सभी प्रमुख उम्मीदवारों के लिये इससे खतरा बढ़ गया है.

सबसे पहले नगर विधान सभा की तस्वीर. यहां सपा, भाजपा व बसपा को एक ही तरह की टेंशन है. सपा प्रत्याशी लक्ष्मण गुप्त के साथ कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं की ट्यूनिंग नहीं बन रही. वहीं बसपा ने टिकट फाइनल करने के बाद फेरबदल किया. रामजी के बदले सपा से आये नारद राय को टिकट दे दिया. अब रामजी बगावत की तैयारी में है. वहीं भाजपा का टिकट भी आनंद स्वरुप को मिलने के बाद कई लोग निराश है. पूर्व विधायक मंजू सिंह तो चुनाव लड़ने की तैयारी में है.

बैरिया में भाजपा ने सुरेंद्र सिंह पर भरोसा किया, तो लोक सभा चुनाव के समय पार्टी का झंडा थामे पूर्व विधायक विक्रम सिंह के परिवार से उनके छोटे भाई की बहू के मैदान में आने की चर्चा चल रही है. वहीं सपा के मनोज सिंह भी बागी तेवर दिखा रहे है.

बांसडीह में सपा व बसपा का खेमा स्थिर है. भाजपा ने यह सीट सहयोगी दल भासपा को दे दिया है. यहां से भाजपा की केतकी सिंह को प्रबल दावेदार माना जा रहा था. गठबंधन में सीट हाथ से जाने के बाद केतकी समर्थक निराश है. केतकी सिंह के निर्दल चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में बड़े उलटफेर से इंकार नहीं किया जा सकता.

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